में , ,

ईरान: विरोध प्रदर्शनों में बच्चों की मौतों व उन्हें बन्दी बनाये (news.un.org)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने ईरान में पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में बच्चों की मौत होने और उन्हें हिरासत में लिये जाने के मामलों पर गहरी चिन्ता जताई है.

मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने मंगलवार को जिनीवा में बताया कि कुछ स्रोतों के अनुसार, अब तक 23 बच्चों की मौत होने और अनेक अन्य के घायल होने की जानकारी मिली है.

ईरान के कम से कम सात प्रान्तों में हुई इन घटनाओं में सुरक्षा बलों द्वारा कारतूसों, नज़दीक से दागी गई धातु की गोलियों और और प्रदर्शनकारियों की बुरी तरह पिटाई किये जाने की ख़बरें हैं.

कई स्कूलों में छापेमारी के बाद बच्चों को गिरफ़्तार किया गया है. सुरक्षा बलों के साथ सहयोग नहीं करने के आरोप में कुछ प्रधानाचार्यों को भी कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है.

इससे पहले, ईरान के शिक्षा मंत्री ने 11 अक्टूबर को पुष्टि की थी कि तथाकथित देश-विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के कारण गिरफ़्तार किए जाने के बाद, कुछ बच्चों को “मनोवैज्ञानिक केन्द्रों” में भी भेजा गया था.

UN Human Rights on Twitter: “🇮🇷 #Iran: Violence against protesters, reports of arbitrary arrests and killing & detention of children is deeply worrying. Iran has obligation to protect children’s right to life under any circumstances, and to respect/protect fundamental freedoms: https://t.co/GKDl2HyoWd pic.twitter.com/CD9Mn8O6rX / Twitter”

🇮🇷 #Iran: Violence against protesters, reports of arbitrary arrests and killing & detention of children is deeply worrying. Iran has obligation to protect children’s right to life under any circumstances, and to respect/protect fundamental freedoms: https://t.co/GKDl2HyoWd pic.twitter.com/CD9Mn8O6rX

यह पोस्ट हमारे अच्छे और आसान सबमिशन फॉर्म के साथ बनाई गई थी। अपनी पोस्ट बनाएं!

तुम क्या सोचते हो?

Diwan . द्वारा पोस्ट किया गया

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

ईरान से कर्नाटक तक: हिजाब या महिलाओं की पसंद का है मामला? – BBC (www.bbc.com)